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Sunday, 21 February 2021

🌹सिर्फ ये छोटा सा काम कर लो,7 दिन में आप की कुलदेवी दौड़ी दौड़ी आएगी....मालामाल करेगी जिंदगी भर🌹



 कई जातको के मन में एक डर है कि अगर देवता नाराज hai अगर वे पूजा नहीं करते हैं, तो उन्हें मुसीबतों और कष्टों का सामना करना पड़ेगा।  माँ प्यार करती है ओ जगदंबा है। हम सोच सकते हैं कि वह कितनी प्यारी और स्नेही होगी। क्या आप अपनी मां को भूल जाएंगे? साथ ही आदिशक्ति को भुलाया नहीं चाहीये । 

हम अपने भाग्य के माध्यम से यानी  नियती से पीड़ित हैं। इसलिये  भगवान से नाराज नहीं होना चाहिए। उपासना निश्चित रूप से सभी दोषों को कम करती है और अवांछनीय ग्रह की तीव्रता को कम करती है। देवता की पूजा यथासंभव करनी चाहिए, यह पूजा हमारी सहायता करती है। यदि आप हर साल नहीं मिलते हैं, तो दो साल में कम से कम एक बार कुलस्वामिनी के मूल स्थान पर जाएं और वहां अनुष्ठान पूरा करें। पूजा किसी भी परिस्थिति में या उत्पीड़न या भय के साथ नहीं की जानी चाहिए। 

श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करनी चाहिए। श्री गणेश और kuldev को पहले याद किया जाना चाहिए और फिर ishta देव की पूजा करनी चाहिए। यदि देवता का कोई भी भजन उपलब्ध हो, तो उसे ध्यान से पढ़ना चाहिए। कुलदेवी का सम्मान हमेशा पहले होता है, फिर ishta देवता की पूजा! वास्तव में, देवता के लिए घर मे एक जगह होनी चाहिए।

 यदि घर में देवता की कोई फोटो-मूर्ति नहीं है, तो इसे दैनिक आधार पर स्थापित और पूजा जाना चाहिए। is upasana se sankat nahi ayenga aise nahi magar तीव्रता को कम करेंगी और रास्ते dikhayegi । देवता वंश की रक्षा करते हैं। देवता की पूजा हमारी रक्षा के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है।

Niyati kis ko bhi Nahi tali   

Bhagvan ko bhi Nahi ham to insan hai

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